12 करोड़ की कैथ लैब बेकार! डॉक्टर नहीं, अब सीलन से खराब होने का खतरा
हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कैथ लैब 5 महीने बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। वजह है कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती भी न होना। इससे कुमाऊं के हृदय रोगियों को अब भी इलाज के लिए दिल्ली व बरेली का रुख भी करना पड़ रहा है।
इस बीच मानसून में लैब की दीवारों व छत पर सीलन आने से करीब 9 करोड़ रुपये की अत्याधुनिक मशीनों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। संवेदनशील उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए लैब के 3 एसी 24 घंटे चलाए जा रहे हैं, जिससे हर महीने हजारों रुपये का अतिरिक्त बिजली भी खर्च हो रहा है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के प्रयास भी जारी हैं। पहले चयनित विशेषज्ञ ने जॉइन करने से ही इनकार कर दिया था। शासन स्तर पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और डॉक्टर मिलते ही कैथ लैब की सेवाएं भी शुरू कर दी जाएंगी।