बीजेपी की दूसरी सूची में हरिद्वार-गढ़वाल सीट पर प्रत्याशी घोषित

लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है। केंद्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड में बुधवार को हरिद्वार व गढ़वाल सीट पर बने सस्पेंस को दूर करते हुए प्रत्याशियों की घोषणा कर फिर से चौंका दिया। कहा जा रहा था कि इन दो सीटों पर पार्टी प्रयोग भी कर सकती है। ऐसा हुआ भी, बीजेपी ने दो पूर्व सीएम का पत्ता काटकर पौड़ी गढ़वाल सीट पर सांसद व पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी व हरिद्वार से पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर दांव लगाया है। अनिल बलूनी प्रधानमंत्री मोदी के भी करीबी माने जाते हैं। वहीं, अभी तक गढ़वाल सीट से पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत व हरिद्वार से पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सांसद हैं। वहीं, सीएम कुर्सी छोड़ने के बाद से त्रिवेंद्र को राजनीतिक का अवसर का इंतजार भी था। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव में उनके पास राजनीतिक वनवास से लौटने का मौका भी होगा।

 

बता दें कि पहली सूची में बीजेपी ने टिहरी गढ़वाल, नैनीताल व अल्मोड़ा लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किए थे। इन तीनों ही सीटों पर प्रत्याशी रिपीट भी किए गए थे। टिहरी गढ़वाल सीट से माला राज्यलक्ष्मी शाह, नैनीताल सीट से अजय भट्ट व अल्मोड़ा सीट से अजय टम्टा को उम्मीदवार बनाया गया है।

 

बता दें कि, उत्तराखंड में 5 लोकसभा सीट हैं। बीजेपी इस बार पांचों सीटों में जीतकर हैट्रिक भी बनाना चाहती है। वहीं, कांग्रेस ने अभी केवल 3 ही सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है।

 

बीजेपी पार्टी ने पांचों सीटों पर उम्मीदवार भी उतार दिए हैं। बीजेपी प्रचंड बहुमत से चुनाव भी जीतेगी। लोक पर्व ईगास को नई पहचान देने, पलायन रोकने और नई ट्रेन संचालन कराने समेत कई जनहित के कार्य कराने वाले अनिल बलूनी गढ़वाल सीट से उम्मीदवार बनने हैं। सीएम के तौर पर लोक कल्याण के कई बड़े काम कराने का श्रेय त्रिवेंद्र सिंह रावत को ही है। त्रिवेंद्र सिंह रावत को हरिद्वार से उम्मीदवार भी बनाया गया है। मैं दोनों ही प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देता हूं। – महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, बीजेपी

 

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हरिद्वार से लोकसभा का प्रत्याशी घोषित होने पर पार्टी अध्यक्ष, गृहमंत्री शाह व प्रधानमंत्री मोदी का अभार जताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि मां गंगा के द्वार हरिद्वार से मेरा आत्मीय नाता रहा है। इसी लोकसभा के डोईवाला विधानसभा की जनता ने मुझे विधायक, मंत्री व मुख्यमंत्री तक पहुंचाया। उनका प्यार सदा मेरे साथ रहा है व मैंने भी उनके भरोसे को कभी भी टूटने नहीं दिया और पूरी ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ वर्षों तक एक जनसेवक की भांति अपने कर्तव्यों का पालन किया, ताकि कभी भी मेरे कारण उन्हें सिर न झुकाना पड़े।

 

त्रिवेंद्र सिंह रावत का राजनीतिक सफर 1979 में ही शुरू हुआ था। इसी साल त्रिवेंद्र सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े थे। 1981 में उन्होंने संघ के प्रचारक के रूप में काम करने का संकल्प भी लिया। 1985 में त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून महानगर के प्रचारक भी बने। इसके बाद 1993 में वे बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री बने। इस दौरान वे पार्टी में अहम भूमिका में भी रहे। इसके बाद साल 1997 में त्रिवेंद्र सिंह रावत बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री बने। वर्ष 2002 में वे दोबारा बीजेपी प्रदेश संगठन महामंत्री बने।

 

साल 2002 में उन्होंने डोईवाला विधानसभा से चुनाव भी लड़ा। उन्होंने विधानसभा चुनाव में डोईवाला सीट से जीत भी हासिल की थी। साल 2007 में डोईवाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधान सभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में वे विजयी भी हुए। बीजेपी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री भी बने। साल 2017 में डोईवाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधानसभा के लिए बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए। इसके बाद 17 मार्च साल 2017 को उन्हें उत्तराखंड के सीएम की कमान सौंपी गई थी। इसके बाद मार्च साल 2021 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

 

राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी

गांव                                    –  डांडा नागराजा, नकोट गांव, पौड़ी

कॅरियर                             –   बतौर पत्रकार से शुरूआत, बाद में राजनीति में भी प्रवेश

चुनाव                                –  2002 के विधानसभा चुनाव में कोटद्वार सीट से भागीदारी, राज्यसभा से सांसद भी रहे

सरकारी दायित्व          – निशंक सरकार में वन्य और पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष

दायित्व–                          – बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया विभाग के प्रमुख