प्रदेश के राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेज से उत्तीर्ण जिन एमबीबीएस डॉक्टरों ने बिना स्थायी पंजीकरण के दूसरे राज्यों में पंजीकरण कराया, उनसे 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।

चारधाम यात्रा में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए अब बाहरी राज्यों के डॉक्टर भी स्वयंसेवी के रूप में अपनी सेवाएं दे सकते हैं।

प्रदेश के राजकीय और निजी मेडिकल कॉलेज से उत्तीर्ण जिन एमबीबीएस डॉक्टरों ने बिना स्थायी पंजीकरण के दूसरे राज्यों में पंजीकरण कराया है। उनसे 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। इस संबंध में उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने आदेश भी जारी किए हैं।

 

उत्तराखंड मेडिकल कॉलेज के निबंधक डॉ. सुधीर कुमार पांडेय ने बताया कि सरकारी और गैर सरकारी मेडिकल कॉलेज से उत्तीर्ण एमबीबीएस छात्रों को इंटर्नशिप करने के बाद उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद में पंजीकरण करना अनिवार्य है।

 

जिन डॉक्टरों ने परिषद में स्थायी पंजीकरण किए बिना ही दूसरे राज्यों में पंजीकरण किया है। ऐसे डॉक्टरों पर उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 2002 के तहत 50 हजार का भी जुर्माना लिया जाएगा।

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