जिला मुख्यालय नई टिहरी के समीप बुडोगी गांव के जंगल में लगी भीषण आग, वन विभाग के कूस्टेशन तक पहुंची

जिला मुख्यालय नई टिहरी के समीप बुडोगी गांव के जंगल में लगी भीषण आग। चारों तरफ धुआं ही धुआं छाया हुआ है। फायर ब्रिगेड वाहन व एसडीएम संदीप कुमार मौके पर भी पहुंचे। स्थिति यह है कि जंगल की आग वन विभाग के कूस्टेशन तक भी पहुंच गई।

 

उत्तराखंड में हर वर्ष जंगल की आग की रोकथाम के लिए वन विभाग मैराथन बैठकों के बाद एक्शन प्लान भी तैयार करता है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ ही एसडीआरएफ से लेकर एनडीआरएफ व कई बार सेना तक की इस काम में मदद भी ली जाती है। शासन-प्रशासन को भी इस काम में ही झोंक दिया जाता है, लेकिन जंगल की आग के आगे हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभाग के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए।

 

राज्य में औसतन हर वर्ष 2400 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल रहे हैं। जिसमें पिछले 10 वर्ष में 29 लोगों की जान जा चुकी है व 79 लोग झुलस भी चुके हैं। पर्यावरणविद् बताते हैं कि इस काम में जब तक सामुदायिक सहभागिता नहीं होगी, तब तक जंगल को आग से बचाना संभव ही नहीं हैं। उधर, वन विभाग का कहना है कि इस दिशा में काम भी किया जा रहा है।

 

गढ़वाल से कुमाऊं तक प्रदेश में इस वर्ष पिछले वर्ष से अधिक जंगल धधके भी हैं। पिछले वर्ष कुल 773 घटनाओं में 933 हेक्टेयर जंगल जला। जंगल की आग से झुलस कर 3 लोगों की मौत हुई व 3 घायल हुए, जबकि इस वर्ष अब तक वनाग्नि की 1,144 घटनाओं में 1,574 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है व 6 लोगों की जान भी जा चुकी है।